poetry
बस बाहों में तुम, तुम में ये दुनिया, दुनिया से बढ़ के तुम, तुम में ये खूबियां, बस बाहों में सुकून, उन बाहों में तुम, तुमसे ही वनवास, तुममें ही गुम, बस बाहों में सुख, सुख का समंदर तुम, बस बाहों में दुनिया, दुनिया से बढ़ कर तुम, तुम ही आस, तुम ही रास, तुमसे से बढ़ कर कुछ नही, तुम्हारे पर्यंत, तुम्हारे अलावा, सब शून्य, बस बाहों में दुनिया, दुनिया से बढ़ कर तुम, कहानी तुम, किस्सा तुम, किरादार तुम, तुम से ही हम, हम से ही तुम, तुम!!!